मेमोगेट प्रकरण (मुलेन मेमो विवाद)
अमेरिकी-पाकिस्तानी उधोगपति मंजूर इजाज़ ने खुलासा किया
कि पाक राजदूत हुसैन हक्कानी ने उसे एक गोपनीय ज्ञापन ओबामा प्रशासन में एडमिरल
माइक मेमो तक तक पहुँचाने को कहा था|
इस ज्ञापन में पाकिस्तान सरकार ने ओबामा प्रशासन
से जनरल कयानी और जनरल पाशा को कड़े एवं स्पष्ट संदेश देने का आग्रह किया गया था,
जो नागरिक सरकार के लिए खतरा बनते जा रहे हैं| इसके बदले में पाकिस्तान ने अमेरिका
को निम्न प्रस्ताव दिए थे|
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ओसामा प्रकरण कि स्वतंत्र
एवं जबाबदेह जांच
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एक राष्ट्रीय सुरक्षा दल का
गठन जो भविष्य में पाकिस्तान में अमेरिका के इस प्रकार के किसी भी ऑपरेशन को
सीध्री मंजूरी देगा और ISI में आतंकवादियों से संपर्क रखने वालो के खिलाफ कार्यवाही करेगा|
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परमाणु कार्येक्रम के लिए
नया फ्रेम वर्क बनाया जाएगा|
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मुंबई हमलों के
दोषियों को सजा दिलाने में भारत की मदद
चाहे वो दोषी सरकार या ख़ुफ़िया संस्था के ही क्यूँ ना हो|
वास्तव में पाकिस्तान कि नागरिक सरकार पर एक बार
फिर से तख्ता पलट का खतरा मंडरा रहा है इसी लिए जरदारी प्रशासन ने ओबामा से मदद
मांगी थी| हालांकि इस प्रकरण कि सच्चाई कि
पुष्टि नहीं हो पाई परन्तु सेना और विपक्षी पार्टियों के दवाब में पाक राजदूत
हक्कानी को इस्तीफा देना पड़ा|